क्या है जियो यूनिवर्सिटी का सच, जिस पर घिर गई है मोदी सरकार

0
251

देश के मौजूदा हालात ऐसे हैं कि सरकार कोई भी मनमाना फैसला कर लेती है और उसके बचाब में बचकाना सा तर्क भी दे देती है और विपक्ष और सोशल मीडिया वीर उस पर जोक बनाकर सरकार का काम आसान कर देते हैं और मुद्दे पर बहस हो ही नहीं पाती

रिलायंस फाउंडेशन का ‘जियो इंस्टीट्यूट’ अभी चालू भी नहीं हुआ कि IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIsc बेंगलुरु जैसे संस्थानों की कैटेगरी में शामिल हो गया है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने देश के 6 उत्कृष्ठ संस्थानों का ऐलान किया है। इसमें ‘जियो इंस्टीट्यूट’ का भी नाम है। जियो इंस्टीट्यूट’ में अभी पढ़ाई नहीं होती और ना ही अगले तीन साल में यहां पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है। इन सभी को सरकार की ओर से अगले 5 साल के दौरान 1000 करोड़ रुपये का सरकारी अनुदान मिलेगा। अब इसे दिलचस्प कहें या हास्यासपद जियो यूनिवर्सिटी के बारे में जानने के लिए जब हमने गूगल का सहारा लिया तो हमें जियो यूनिवर्सिटी नाम का कोई संस्थान नहीं मिला…ना ही कोई इससे संबधित तस्वीर गूगल खोज पाया…शायद यही वजह है कि प्रकाश जावड़ेकर को ट्वीट करने के लिए संस्थान की फोटो की जरूरत पड़ी और जब नहीं मिली तो रिलांयस फाउंडेशन की फोटो ही लगा दी

विवाद जब बढ़ा तो मंत्रालय ने अपनी सफाई में कहा कि इस श्रेणी में आए कुल 11 आवेदनों में सिर्फ Jio इंस्टीट्यूट ही सभी चारों मानकों पर खरा उतरा है। इसी वजह से Jio इंस्टीट्यूट को ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ की लिस्ट में शामिल किया गया। पूत के पांव पालने में देखने की बात सुनी थी पर यहां तो बिना पूत देखे उसके भविष्य पर सरकार ने दांव भी लगा दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here