हार कर जीतने वाले को ‘राहुल गांधी’ कहते हैं!

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rahul gandhi press conference

अब वक्त आ गया है कि राहुल गांधी, प्रधानमंत्री मोदी के लिए धन्यवाद कहें, और धन्यवाद गले लगकर ना सही तो हाथ मिलाकर कहें और मुझे उम्मीद है कि वे इस बार हाथ मिलाने के बाद आंख मारने की अपरिपक्वता नहीं दिखाएंगे, धन्यवाद इसलिए क्योंकि आजकल राहुल गांधी जैसे नजर आ रहे हैं, उसकी कल्पना कुछ महीने पहले किसी ने नहीं की होगी। खुद उनसे राजनीति में बड़े कद और बेहद अनुभवी नरेंद्र मोदी ने भी नहीं। लेकिन उन्होंने पिछले कुछ महीनों में खुद में जबरदस्त सुधार किया है और ये हुआ है निश्चित रूप से मोदी जैसी शख्सियत का बार-बार सामना करके। दरअसल जब आपके पास हारने के लिए कुछ नहीं होता तो आप खुलकर खेलने लगते हैं, तब आपके पास आजादी होती है, चाहे आप एक-एक रन लेकर अपनी टीम को मजबूत करें या लंबे शॉट खेलकर तेजी से रन बनाएं। राहुल गांधी के पास अभी ऐसी ही आजादी है, तो वहीं प्रधानमंत्री मोदी उस खिलाड़ी की तरह हैं जो 99 रन पर खेल रहा है और शतक पूरा करने का दवाब है, इसलिए वो थोड़ा संभलकर खेलता है। किसी टीम को लीड करने के वाले कैप्टन की पहचान इस चीज से होती है कि आप दबाव का सामना कैसे करते हैं?एक अहम लड़ाई में, अपने विरोधी को बिना कोसे पूरी गरिमा और सम्मान के साथ जवाब कैसे देते हैं।

rahul gandhi bcmedia

अपने दिवंगत पिता राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहद गलत टिप्पणी का जवाब देने के मामले में राहुल गांधी विजेता बनकर उभरे हैं। एक रैली में प्रधानमंत्री का ये कहना कि, ‘भ्रष्टाचारी नम्बर वन के रूप में आपके पिताजी का जीवनकाल समाप्त हो गया, हालांकि अभी तक नरेंद्र मोदी को कभी भी किसी मृत व्यक्ति के बारे में गलत बोलते नहीं सुना गया लेकिन इस चुनाव में सार्वजनिक बयानबाजी का स्तर लगातार नीचे गिरा है और यह बयान उसकी अति ही था। लेकिन इसका जवाब राहुल गांधी ने बिना संयम खोए अच्छे शब्दों में दिया।जिसमें प्रधानमंत्री को प्यार और झप्पी देने की बात कर रहे हैं। कुछ समय पहले कई गलतियां करने वाले, बोलते समय अटकने वाले राहुल गांधी आजकल पत्रकारों को लगातार इंटरव्यू दे रहे हैं, जिनमें कई इंटरव्यू में वे दो-दो पत्रकारों का सामना करते दिख रहे हैं जिनमें एक हिंदी और एक अंग्रेजी के पत्रकार हैं और राहुल दोनों को उनकी भाषा में जवाब दे रहे हैं, और हाल ही में रवीश कुमार को दिए गए इंटरव्यू ने उन्होंने अपनी क्षमता का भरपूर प्रदर्शन किया, इस इंटरव्यू में सबसे खास बात जो थी वो ये कि ये इंटरव्यू “लाइव” था।जिसमें आखिर में राहुल गांधी का ये कहना कि मोदी के कम्युनिकेशन स्किल का कोई मुकाबला नहीं है,वो भी चुनाव के बीच और ऐसे दौर में जब ये खतरा है कि उनके विरोधी उनकी इस बात को अपने हिसाब से वायरल कर सकते हैं,फिर भी उन्होंने अपनी बात कही और ये निश्चित ही मोदी समर्थकों को भी भा गया होगा। 

rahul with ravish interview

निश्चित ही राहुल गांधी और उनकी पार्टी के पास खोने को कुछ नहीं है क्योंकि कांग्रेस की इस से बुरी हालत और क्या हो सकती है। लेकिन पाने के लिए बहुत कुछ है और इसके लिए लगातार सवालों का सामना करना होगा। क्योंकि उनके सामने वो शख्स है, जो आपके ही तीर को आपकी तरफ मोड़ कर उससे आप ही पर निशाना साध सकता है।

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