शर्मनाक! 21वीं सदी में पानी के लिए महिलाएं 30 फीट नीचे उतर रही हैं…

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चुनावी महौल है और हर तरफ नेताओं के भाषण हैं,समर्थकों की नारेबाजी है,2047 के वादे हैं ‘न्याय’ की बातें हैं, और जो नहीं है….वो हैं जनता के बुनियादी मुद्दे, अगर होते, तो 21वीं सदी में जहां हम चांद पर पहुंच गए और मंगल पर पहुंचने का सपना बुन रहे हैं।उस देश के एक कोने में महिलाएं पानी के लिए 30 फिट नीचे नहीं उतर रही होती।

water issueदरअसल देश का सर्वाधिक सूखा इलाका है महाराष्ट्र का मराठवाड़ा जहां महिलाओं को पानी के लिए 30 फीट गहरे कुंए में उतरना पड़ता है। अभी गर्मी की शुरुआत ही है लेकिन यहां पानी की भीषण किल्लत शुरू हो गई है।उस्मानाबाद जिले के मार्डी गांव में रहने वाली एक महिला जिनकी उम्र 40 साल है। लेकिन वजन सिर्फ 30 किलो ही है। वो एक बार में 60 लीटर पानी ढोती हैं,44-45 डिग्री तापमान, तेज धूप और चढ़ाई वाले रास्ते पर ये अपनी साइकिल पर पानी के चार बर्तन टांगकर लाती हैं। वैसे ये परेशानी और ये बेवसी की कहानी सिर्फ एक महिला की नहीं है ऐसी ना जाने कितनी कहानियां इन सूखते इलाकों में बिखरी पड़ी हैं, उस्मानाबाद के एक गांव में रहने वाली एक और महिला जो आठ महीने की गर्भवती हैं। डॉक्टरों ने उन्हें वजन उठाने से मना किया था लेकिन प्यास के आगे डॉक्टर की सलाह कितने दिन टिकती। तीसरे ही दिन जब घर में पानी की एक बूंद नहीं बची तो मजबूरन उन्हें बर्तन उठाना पड़ा और नतीजा ये हुआ कि उसका बच्चा नीचे सरक गया और अब उसके पास अपनी किस्मत पर रोने के सिवाए और कोई चारा नहीं है। मराठवाड़ा और उस्मानाबाद के सभी 773 गांव भीषण सूखे की चपेट में हैं। बिना पानी के खेत की काली मिट्टी भी सफेद पड़ गई है और पानी ढो रही महिलाओं के चेहरे भी। सबसे ज्यादा खतरनाक बात यह है कि इस इलाके की ज्यादातर महिलाएं अब स्त्री रोगों की शिकार हो रही हैं बता दें कि 18.71 लाख मतदाताओं और 8.77 लाख महिला वोटर वाले उस्मानाबाद में सूखे का मुद्दा राजनीतिक दलों के एजेंडे से गायब है।जिले के 773 में से सिर्फ 76 गांवों में टैंकर की व्यवस्था है और 2,000 लीटर पानी के टेंकर का भाव भी 400 रुपये से बढ़कर 800 रुपये हो चुका है पानी की इस किल्लत से सिर्फ वहां महिलाएं ही परेशान नहीं हैं। सूखे के कारण किसानों की रबी की फसलें भी सूख गई है। जलाशयों में पानी नहीं है जिस कारण खरीफ फसलों की बुवाई पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

marathwada water problem

समझ नहीं आता कि ये देश का कौन सा कोना है?जहां किसी की स्ट्राइक और किसी की “न्याय” वाली नज़र नहीं पहुंच पा रही है 2047 के लिए वोट मांगे जा रहे हैं,अंतरिक्ष में जाने के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं और 2019 में पानी के लिए महिलाएं 30 फिट नीचे उतर रही हैं पानी के लिए नीचे उतरती ये महिलाएं शायद ट्वीटर या फेसबुक पर नहीं हैं इसलिए मुद्दों में भी नहीं हैं। लेकिन ये उम्मीद करती होंगी पढ़े-लिखे लोगों से कि हम लोग इनके लिए आवाज उठाएंगे, इनके बुनियादी मुद्दों को नेताओं के हवाई मुद्दों की जगह रखेंगे और उनसे सवाल करेंगे मगर अफसोस हम खुद हिंदू-मुस्लिम,पाकिस्तान और जैसे मुद्दों में बहे जा रहे हैं।

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