Motivational Story : पढ़िए गूगल संस्थापक ‘लैरी पेज’ के संघर्ष के दिनों की कहानी, जिसे पढ़कर आप ही कहेंगे “अपने सपनो को मत छोड़ो”

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मेरे पास सपनो को पूरा करने की एक कहानी है. यह कहना ज्यादा बेहतर होगा कि एक कहानी है ….सपनो को हकीकत में बदलने का रास्ता खोजने की. आप जानते है कि रात के बीच में एक जिंदा सपने के साथ जागना क्या होता है! और आप जानते है कि यदि आप इसे लिखने के लिए बेड पर एक पेन्सिल और पैड नहीं रखते है, तो यह अगली सुबह पूरी तरह से ख़त्म हो जायेगा. जब मैं 23 साल का था तब एक सपने ने मुझे अचानक जगा दिया. जब मैं उठा तो सोच रहा था कि क्या हो अगर हम पूरे वेब को डाउनलोड कर सकें और बस लिंक रखें. मैंने एक पेन पकड़ा और लिखना शुरू कर दिया. कभी कभी जागना और सपने देखना बंद करना जरुरी होता है. मैंने उस रात अपने आप को समझाया कि यह काम करेगा. इसके तुरंत बाद मैंने आपने सलाहकार टेरी से कहा,वेब डाउनलोड करने में कुछ टाइम हफ्ते लगेंगे, उन्होंने सहमति में सिर हिलाया, पूरी तरह से जानते हुए भी कि इसमें ज्यादा समय लगेगा. युवाओं का आशावाद अक्सर कम आंका जाता है. वैसे मैंने सर्च इंजन बनाने का कोई विचार नहीं किया था. यह विचार रडार पर भी नहीं था लेकिन बाद में एक सर्च इंजन बनाने के लिए हमें वेब पेजेस की रैंकिंग का एक बेहतर तरीका मिला और गूगल का जन्म हुआ. जब एक बहुत बड़ा सपना दिखाई देता है तो उसे पकड़ लो.

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जब मिशिगन में था तब मुझे सिखाया गया था कि कैसे सपनो को हकीकत बनाया जाये. मैंने जो समर कैंप में सीखा वह लीडरशिप शेप नाम के एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में तब्दील हुआ था . उस प्रोग्राम ने मुझे उस समय एक क्रेजी आईडिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया. मैं बसों को बदलने के लिए कैंपस में एक व्यक्तिगत रैपिड ट्रांजिट सिस्टम बनाना चाहता था. यह हमारी परिवहन समस्या को हल करने का एक नया आईडिया था. मैं अभी भी परिवहन के बारे में सोचता हूँ – आप कभी अपने सपने नहीं छोड़ सकते.

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टैलेंटेड लोग बड़ी चुनौतियों का काम करना चाहते है. गूगल के साथ भी यही हुआ है. हमारा मिशन दुनिया की जानकारी को व्यवस्थित करना है और इसे आसान और उपयोगी बनाना है . यह आपको एक्साइट कैसे नहीं कर सकता ? आप शायद सही रास्ते पर है अगर आप खुद को आंधी के दौरान निकलने वाले कीड़े के समान समझते है. हमे कुछ ऐसा ही महसूस हुआ जब हमने तीन क्रेडिट कार्ड कार्ड्स की लिमिट एक्सीड कर हार्ड डिस्क खरीदी थी. यह गूगल के लिए पहला हार्डवेयर था.

आप दुनिया को कैसे बदलते है,इसका एक वाक्य में सारांश क्या है? बैचेन करने वाले किसी रोमांच के लिए हमेशा खूब मेहनत कीजिए. अपने सपनो को मत छोड़ो. दुनिया को आप सभी की जरुरत है.

                                                                       “2 मई 2009 को मिशिगन यूनिवर्सिटी में लैरी पेज “

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