‘Kabir Singh’ Review: प्यार और बर्बादी का मज़ेदार कॉकटेल है शाहिद कपूर की ‘कबीर सिंह’

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kabir singh review

कबीर सिंह’ तेलुगू की सुपरहिट फ़िल्म ‘अर्जुन रेड्डी (Arjun Reddy)’ की रीमेक है और फिल्म के डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ही हैं जिन्होंने तेलुगू वर्जन को डायरेक्ट किया था. फिल्म की कहानी कबीर सिंह शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की है जिसे मेडिकल कॉलेज की अपनी जूनियर प्रीति यानी कियारा आडवाणी (Kiara Advani) से इश्क हो जाता है. इश्क भी ऐसा वैसा नहीं घनघोर वाला. इस इश्क में कुछ ऐसा होता है कि कबीर सिंह टूट जाता है. ‘कबीर सिंह (Kabir Singh)’ की दिक्कत उसका गुस्सा है. यही ग़ुस्सा और घनघोर इश्क उसे खुद को तबाह करने के लिए मजबूर कर देता है. कबीर सिंह का फर्स्ट हाफ जहां शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी के इश्क पर फोकस्ड है वहीं सेकंड हाफ शाहिद कपूर के खुद को तबाही की राह पर ले जाने को दिखाता है. जिसमें शाहिद कपूर यानी कबीर सिंह शराब, ड्रग्स और हर गलत काम करता नजर आता है.

कबीर सिंह तीन घंटे की है. फिर ‘कबीर सिंह ‘ जिस तरह से प्रीति के साथ पेश आता है, वह भी नया है. प्रीति की खामोशी क्यूट लगती है. फिल्म 40-45 मिनट खींची हुई है. शाहिद कपूर ने दमदार एक्टिंग की है और ‘अर्जुन रेड्डी’ विजय देवराकोंडा को मैच कर पाते है . कियारा आडवाणी ने ठीक-ठाक रोल किया है. फिर शाहिद और कियारा की जोड़ी स्क्रीन पर एकदम रियल लगती है जिससे हर कोई अपनेआप को कनेक्ट कर पायेगा।
‘कबीर सिंह का म्यूजिक इसकी यूएसपी है. फिल्म का म्यूजिक दिल में उतर जाने वाला है. संदीप रेड्डी वांगा ने ‘कबीर सिंह’ को पूरी तरह से ‘अर्जुन रेड्डी’ की तरह बनाया है.

अगर आप शाहिद के फैन है तो आपको ये मूवी बहुत ज्यादा अच्छी लगने वाली है और अगर आप शाहिद के फैन नहीं है फिर भी आप को ये मूवी अच्छी लगेगी।

 

 

रेटिंगः 4 स्टार
डायरेक्टरः संदीप रेड्डी वांगा
कलाकारः शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी

 

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